
Anuprayukt Manovigyan
by Smarak Swain
अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान (तृतीय संस्करण) सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए लिखी गयी एक पुस्तक है। यह विभिन्न राज्य सेवा परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी लाभप्रद सिद्ध होगी। यह पुस्तक वैकल्पिक विषय मनोविज्ञान के द्वितीय प्रश्न पत्र के पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों से संबंधित है। इस पुस्तक में विभिन्न परीक्षण और तकनीकों का उपयोग करके मानव व्यवहार का निरीक्षण, विश्लेषण और व्याख्या करने का प्रयास किया गया है। प्रमुख विशेषताएं आधुनिक जीवन के मुद्दों और चिंताओं से निपटने में मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों की प्रासंगिकता का विवरण मीडिया मनोविज्ञान जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष अध्याय का समावेश भारत—विशिष्ट और पार-सांस्कृतिक दृष्टिकोणों का प्रस्तुतिकरण संगठनात्मक प्रबंधन, चिकित्सा और जन नीति—निर्माण में मनोवैज्ञानिक विधियों के अनुप्रयोग पर चर्चा लेखक के विषय में स्मारक स्वाईं ने 2006 में भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया और 2008 में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में शामिल हो गए। उन्होंने नालसार विश्वविघालय, हैदराबाद से कराधान और व्यापार कानून (एमटीबीएल) में मास्टर्स भी किया है। आयकर विभाग में, इन्हें कॉर्पोरेट और व्यापार आंकलन, वित्तीय जांच, धर्मार्थ और धार्मिक ट्रस्ट के कर प्रशासन, और अंतर्राष्ट्रीय कराधान के क्षेत्र का व्यापक अनुभव है।
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